रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में रसोई गैस की कथित किल्लत को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रदेश में गैस का कोई संकट नहीं है, तो मुख्यमंत्री को इस विषय पर समीक्षा बैठक करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बयान जारी कर कहा कि प्रदेश की जनता रसोई गैस के लिए परेशान है, जबकि सत्ताधारी दल के नेता हकीकत से मुंह मोड़कर झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते गैस आपूर्ति को लेकर ठोस कार्ययोजना बनाई जाती, तो आम लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
कांग्रेस ने सरकार पर जमाखोरी और कालाबाजारी को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में गैस सिलेंडर 3 से 4 हजार रुपये तक ब्लैक में बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता और अधिक प्रभावित हो रही है।उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री गैस और पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर बैठक कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके सलाहकार सोशल मीडिया पर गैस की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक, यह सरकार के भीतर विरोधाभास को दर्शाता है।
कांग्रेस ने दावा किया कि प्रदेश की कई गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं और लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। साथ ही एजेंसियों में बाउंसर तैनात किए जाने जैसी स्थितियां भी सामने आ रही हैं।अंत में कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों से भटकने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वालों को देशद्रोही करार देना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह गैस आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट करे और आम जनता को राहत देने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए।