अंबिकापुर स्थित संजय गांधी पार्क में कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने घटना को “अक्षम्य लापरवाही” करार देते हुए कहा कि हिरणों की मौत के लिए सिर्फ कुत्ते जिम्मेदार नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम दोषी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो उन्हें पार्कों और बाड़ों में रखने का कोई औचित्य नहीं है।कांग्रेस ने सवाल उठाया कि हिरणों के बाड़े में आवारा कुत्तों का घुसना सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। “अगर ये हिरण जंगल में होते तो क्या कुत्ते उन्हें इस तरह मार पाते?”— वंदना राजपूत ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में न तो जंगल सुरक्षित हैं और न ही वन्यजीव। इस मामले में केवल डिप्टी रेंजर पर कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए कांग्रेस ने उच्च अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।कांग्रेस ने वन मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही प्रदेश के सभी पार्कों और चिड़ियाघरों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने की भी मांग उठाई है।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण को लेकर प्रदेश में बड़े सवाल खड़े कर रही है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।