रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ के तहत शहर के चार मंडलों—माना, भाठागांव, शंकर नगर और सिविल लाइन—में आयोजित प्रशिक्षण वर्गों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती और जनसेवा के संकल्प को सर्वोपरि बताते हुए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।अपने ओजस्वी और भावुक संबोधन में सांसद अग्रवाल ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता होना केवल राजनीति नहीं, बल्कि ईश्वर द्वारा सौंपा गया जनसेवा का दायित्व है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन को याद करते हुए बताया कि छात्र राजनीति के दौर में उन्हें 60 मुकदमों का सामना करना पड़ा और 30 बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा की यात्रा केवल सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक अस्मिता और वैचारिक पुनर्जागरण का अभियान है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से लेकर जनसंघ और फिर भाजपा के गठन तक की यात्रा को उन्होंने भारत की आत्मा को पुनर्स्थापित करने का प्रयास बताया। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 हटाने और श्रीराम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक फैसलों को दशकों पुराने संकल्पों की सिद्धि बताया।
सांसद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को “दीपक से कमल तक” की यात्रा का संदेश देते हुए कहा कि यह केवल चुनावी बदलाव नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की निरंतर यात्रा है। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन की विचारधारा को आत्मसात करें और घर-घर तक जनहितकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर जनसेवा को अपना सर्वोच्च धर्म बनाएं।
कार्यक्रम में भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रशिक्षण वर्ग में “दीपक से कमल तक: एक विचार, एक संघर्ष” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें भाजपा के विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल बनने की यात्रा को भी रेखांकित किया गया।