धमतरी। जिले के मगरलोड विकासखंड से वन विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां विभाग के एक डिप्टी रेंजर पर भ्रष्टाचार, अवैध पेड़ों की कटाई और शासकीय भूमि पर कब्जा करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। ग्राम सोनपैरी के ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्ट्रेट पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार, मोहंदी परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई करवाई। साथ ही लगभग 75 एकड़ घास एवं आबादी भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। ग्रामीणों ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिना अनुमति जंगल क्षेत्र के भीतर सड़क निर्माण कराया गया और भारी मशीनों से खुदाई की गई, जिससे कई स्थानों पर गहरी खाइयां बन गई हैं। इससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने के साथ-साथ वन्य जीवों के लिए भी खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन अधिकारियों पर वन संपदा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, यदि वही नियमों का उल्लंघन करें तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी बात रखनी पड़ी।
ग्रामवासियों एवं ग्राम समिति के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक क्षेत्र में सभी प्रकार के निर्माण और खुदाई कार्यों पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि जांच में तथ्य सही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की अवैध कटाई और अनियंत्रित खुदाई से जैव विविधता, जल स्रोतों और भूमि की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।