छत्तीसगढ़ में नई आबकारी नीति के तहत शराब बिक्री व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 1 अप्रैल से राज्यभर में कांच की बोतलों के स्थान पर प्लास्टिक बोतलों में शराब उपलब्ध कराई जाएगी। इस निर्णय को सरकार द्वारा वितरण प्रणाली को सरल और किफायती बनाने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।बताया जा रहा है कि कांच की बोतलों के उपयोग में परिवहन और रख-रखाव के दौरान टूट-फूट की समस्या सामने आती थी, जिससे आर्थिक नुकसान भी होता था। नई व्यवस्था में प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।राज्य की सरकारी शराब दुकानों में इस बदलाव के साथ नई पैकेजिंग व्यवस्था लागू होगी, जिससे सप्लाई प्रक्रिया और भंडारण दोनों में आसानी होगी। साथ ही, लागत में कमी आने के चलते कीमतों पर भी आंशिक असर पड़ सकता है।हालांकि, इस फैसले को लेकर पर्यावरण से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण की चुनौती बढ़ सकती है, जिस पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता होगी।सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि प्लास्टिक उपयोग के साथ-साथ उसके प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।