नई दिल्ली। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वांगचुक के ऐतिहासिक और साहसिक संघर्ष के प्रति जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
अनशन के 19वें दिन हुई इस मुलाकात में अमित जोगी ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों की आवाज़ है, जिनका भविष्य व्यवस्था की गंभीर विफलताओं से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के प्रति जवाबदेही तय होना आवश्यक है और यदि जनता के साथ अन्याय हुआ है तो जिम्मेदार लोगों को उसके लिए उत्तरदायी बनाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर अमित जोगी की मुलाकात आंदोलन के अध्यक्ष अभिजीत डिपके और मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास से भी हुई। तीनों नेताओं के बीच इस जनआंदोलन को देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अमित जोगी ने दोनों नेताओं को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश के युवा, विद्यार्थी और जागरूक नागरिक भी इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़कर जवाबदेही की इस लड़ाई को मजबूत करेंगे।

अमित जोगी ने कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा यह संघर्ष देश में पारदर्शिता, जवाबदेही और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जनहित के मुद्दों को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता और लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को सम्मान देना ही पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान “कॉकरोच” शब्द को अपमान नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और अटूट जिजीविषा का प्रतीक बना दिया गया है। अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने का संदेश आज पूरे देश के युवाओं को प्रेरित कर रहा है।अंत में अमित जोगी ने सोनम वांगचुक के उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए सरकारों से विद्यार्थियों के हित में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनशन के 19वें दिन हुई यह मुलाकात केवल समर्थन का संदेश नहीं, बल्कि देशभर में परिवर्तन और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।