नई दिल्ली/ओमान। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। महादेव ऐप के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। ओमान पुलिस की कार्रवाई के बाद अब भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर लंबे समय से भारत की जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर था। उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मनी लॉन्ड्रिंग, ऑनलाइन सट्टेबाजी और करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन से जुड़े कई मामले दर्ज किए हैं। उसके खिलाफ इंटरपोल की मदद से भी कार्रवाई की जा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, ओमान में गिरफ्तार किए जाने के बाद भारत सरकार ने आवश्यक कानूनी दस्तावेज वहां की सरकार को भेज दिए हैं। यदि अदालत से मंजूरी मिलती है तो जल्द ही सौरभ चंद्राकर को भारत लाया जा सकता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से महादेव ऐप नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों और आर्थिक लेन-देन का खुलासा हो सकता है।
महादेव बेटिंग ऐप मामला देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी, करोड़ों की संपत्ति जब्त करने और कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई हो चुकी है।अब सभी की नजरें सौरभ चंद्राकर के भारत प्रत्यर्पण पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि भारत लाए जाने के बाद उससे पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।