आम आदमी पार्टी (आप) ने छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और इसमें किसान, युवा, स्वास्थ्य और आदिवासी क्षेत्रों की अनदेखी की गई है।पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार ने अपने ‘संकल्प’ बजट में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अनियमित कर्मचारियों, महिला सुरक्षा और रसोइया संघ की मांगों को नजरअंदाज किया गया है। साथ ही, पेट्रोल पर राहत नहीं मिलने और प्रधानमंत्री आवास योजना में अपेक्षित प्रगति न होने पर भी सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि पहले किए गए बड़े बजट प्रावधानों के बावजूद आज भी कई जरूरतमंदों को आवास नहीं मिल पाया है।दूसरी ओर, देवलाल नरेटी ने बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी अंचलों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर इन क्षेत्रों को केवल “झुनझुना” दिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि नए मेडिकल कॉलेज खोलने और योजनाओं के लिए बजट प्रावधान तो किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अस्पतालों में संसाधनों और डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मशीनें खराब होने और जांच सुविधाओं के अभाव का मुद्दा भी उठाया गया।वहीं अभिषेक मिश्रा ने कहा कि इस बजट में किसानों और युवाओं के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के सशक्तिकरण के लिए बजट प्रावधान किए गए हैं, लेकिन रोजगार के अवसर नहीं बढ़ाए जा रहे। बीएड-डीएड अभ्यर्थियों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार के रवैये को कठोर बताया।आप नेताओं का कहना है कि कुल मिलाकर यह बजट आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा और इससे जनता में निराशा का माहौल है।