रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना गुढ़ियारी पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने 13 किलो से अधिक गांजा के साथ एक अंतर्राज्यीय तस्कर और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी प्रेमी-प्रेमिका बताए जा रहे हैं और पुलिस से बचने के लिए पति-पत्नी बनकर सफर करते थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में शहर में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत 12 मार्च को थाना गुढ़ियारी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के बाहर पार्किंग क्षेत्र में एक युवक और महिला बैग में गांजा लेकर कहीं जाने की फिराक में खड़े हैं।सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में थाना गुढ़ियारी पुलिस ने आरपीएफ के साथ संयुक्त टीम बनाकर मौके पर घेराबंदी की। मुखबिर के बताए हुलिये के आधार पर संदिग्ध युवक-युवती को चिन्हित कर पकड़ लिया गया।

पुलिस ने जब उनके बैग की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम राजेंद्र प्रसाद (29 वर्ष) निवासी कौशांबी, उत्तरप्रदेश और हेमलता कैवर्त्य (30 वर्ष) निवासी बिलासपुर बताया। जांच के दौरान दोनों ने पुलिस को बताया कि वे प्रेमी-प्रेमिका हैं और तस्करी के दौरान शक से बचने के लिए पति-पत्नी बनकर यात्रा करते थे।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी ओडिशा के खरियार रोड से गांजा लेकर प्रयागराज ले जा रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 13 किलो 156 ग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 6 लाख 77 हजार 800 रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना गुढ़ियारी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20बी के तहत अपराध क्रमांक 114/2026 दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
इस कार्रवाई में थाना गुढ़ियारी के थाना प्रभारी निरीक्षक बी.एल. चंद्राकर, उपनिरीक्षक कैलाश केशरवानी तथा आरपीएफ के निरीक्षक कर्मपाल सिंह गुर्जर, एल.एन. सिंह, प्रधान आरक्षक वी.सी. बंजारे और आरक्षक विजय सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।