मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव की फिल्म अता पता लापता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से रिलीज़ का इंतजार कर रही इस फिल्म के पीछे छिपी सच्चाई अब सामने आने लगी है। हाल ही में फिल्म से जुड़े वित्तीय मामले पर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे फिल्म जगत का ध्यान खींच लिया है।फिल्म को वित्तीय सहयोग देने वाले बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने एक बातचीत में बताया कि फिल्म की रिलीज़ में देरी की असली वजह आर्थिक विवाद और कानूनी अड़चनें थीं। उनके अनुसार, राजपाल यादव ने फिल्म के लिए उनसे कर्ज लिया था, लेकिन समय पर भुगतान नहीं हो पाया। इसी कारण मामला कोर्ट तक पहुंच गया और फिल्म की रिलीज़ पर रोक लग गई।माधव गोपाल अग्रवाल ने यह भी संकेत दिया कि इस पूरे विवाद के दौरान कुछ बड़े नामों का जिक्र हुआ, जिनमें अमिताभ बच्चन का नाम भी सामने आया। हालांकि उन्होंने साफ तौर पर यह नहीं कहा कि अमिताभ बच्चन सीधे तौर पर फिल्म को रोकने के लिए जिम्मेदार थे, लेकिन उनके नाम का सामने आना इस मामले को और चर्चा में ले आया है।गौरतलब है कि अता पता लापता एक सामाजिक संदेश देने वाली फिल्म बताई जा रही थी, जिसमें राजपाल यादव मुख्य भूमिका में नजर आने वाले थे। फिल्म का कॉन्सेप्ट आम आदमी की समस्याओं और सिस्टम की खामियों पर आधारित था, लेकिन रिलीज़ से पहले ही यह विवादों में घिर गई।सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट केस और कर्ज विवाद के चलते फिल्म की रिलीज़ को रोक दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ फिल्म के भविष्य को प्रभावित किया, बल्कि राजपाल यादव के करियर पर भी असर डाला।फिलहाल, इस मामले में सच्चाई क्या है, यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। लेकिन इतना जरूर है कि इस खुलासे ने एक बार फिर बॉलीवुड में वित्तीय पारदर्शिता और कलाकारों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब देखना होगा कि आने वाले समय में इस फिल्म को रिलीज़ का मौका मिल पाता है या यह हमेशा के लिए विवादों में ही फंसी रह जाएगी