रायपुर। शहर में दिनदहाड़े हुए अपहरण कांड से मचे हड़कंप के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। पश्चिम जोन के कर्बला तालाब क्षेत्र में दो युवकों को अगवा कर बंधक बनाकर वसूली की साजिश रची गई थी, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।मामला डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल के अधिकार क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने दोनों युवकों को पैसे लौटाने के बहाने बुलाया। पहले से बनाई गई योजना के तहत उन्हें घेरकर कट्टे की नोक पर जबरन कार में बैठाया गया और अज्ञात स्थान पर ले जाकर बंधक बना लिया गया।बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को करीब चार दिन तक कैद में रखा गया। इस दौरान उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और डराने के लिए पिटाई का वीडियो भी बनाया गया। मारपीट में एक युवक का हाथ टूट गया, जबकि दूसरे को गंभीर चोटें आई हैं।19 फरवरी को घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। थाना आजाद चौक थाना की टीम ने घेराबंदी कर घोराही तालाब-रामकुंड क्षेत्र में दबिश दी और एक झोपड़ी से दोनों पीड़ितों को सकुशल मुक्त कराया। जांच में खुलासा हुआ कि करीब 2 लाख रुपये के लेन-देन विवाद के चलते पूरी साजिश रची गई थी।पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 3,500 रुपये नगद, 2 पिस्टल, 2 जिंदा कारतूस और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपी हरिओम सोनकर के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।पुलिस ने अपहरण, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।इस घटना के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बावजूद दिनदहाड़े हुई इस वारदात से लोगों में दहशत का माहौल है, खासकर पश्चिम जोन में बढ़ते अपराध को लेकर चिंता जताई जा रही है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है।
