रायपुर। मालवीय रोड स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर के छठे दिन बच्चों में धर्म और संस्कार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। शिविर में बच्चों ने स्वयं भगवान का अभिषेक, पूजन और विश्व शांति के लिए शांतिधारा की।
शिविर में बच्चों को जैन धर्म की दैनिक धार्मिक क्रियाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक रूप से भी कराया गया। नन्हे बच्चों ने अपने हाथों से भगवान का अभिषेक और पूजा-अर्चना की, जिससे उनमें काफी उत्साह नजर आया।
धार्मिक शिक्षा सत्र में बच्चों को सच्चे देव, शास्त्र और गुरु की पहचान के बारे में बताया गया। साथ ही ‘षट्लेश्या’ यानी छह प्रकार के भावों का सरल तरीके से अध्ययन कराया गया, जिससे बच्चे अच्छे और बुरे विचारों के प्रभाव को समझ सकें।
वहीं युवाओं और बड़ों के लिए आयोजित पाठशाला में प्रसिद्ध जैन ग्रंथ ‘छहढाला’ का अध्ययन कराया गया। इसमें आत्मकल्याण और जीवन मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें समझाई गईं।
शिविर में बच्चों की लगन और रुचि को देखते हुए समाज के वरिष्ठ लोगों ने उन्हें पढ़ाई के लिए कॉपी, पेन और अन्य स्टेशनरी सामग्री का निशुल्क वितरण किया। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।
यह शिविर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सांगानेर और रायपुर के विद्वानों का मार्गदर्शन मिल रहा है। शिविर में बच्चों की बढ़ती भागीदारी से जैन समाज में खुशी का माहौल है।