रायपुर | छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज होता नजर आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के चलते पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में 500 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, जबकि लगभग 2700 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।जमीनी स्तर पर चल रहे ऑपरेशन और बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। खासकर नक्सल प्रभावित इलाकों में घटनाओं में कमी और संगठन की कमजोर होती पकड़ इसके संकेत दे रही है।सरकार की दोहरी रणनीति—एक तरफ सख्त कार्रवाई और दूसरी ओर आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास—को इस बदलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद बढ़ी है।सुरक्षाबल आने वाले समय में भी अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी में हैं, ताकि प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।