रायपुर। अशोक नगर गुढ़ियारी स्थित बुद्ध विहार में माता रमाई जयंती का आयोजन बौद्ध परंपरा और धम्म संस्कृति के अनुरूप गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशरण, पंचशील और बुद्ध वंदना के साथ की गई, जिससे पूरा परिसर धम्ममय हो गया। उपस्थित उपासक-उपासिकाओं ने सामूहिक रूप से करुणा, मैत्री और समता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में वक्ताओं ने माता रमाई के संघर्षपूर्ण जीवन, त्याग और उनके सामाजिक योगदान को स्मरण किया। उन्होंने बताया कि माता रमाई ने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। गीत, कविता और भाषणों के माध्यम से लगभग 15 सहभागियों ने रमाई के जीवन-संघर्ष और उनके आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।इस अवसर पर सभी आयु वर्ग के उपासक और उपासिकाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और बौद्ध संस्कृति, अनुशासन तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया।कार्यक्रम का संचालन महिला कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ आयोजन को सफल बनाया। उनके प्रयासों की उपस्थित लोगों ने सराहना की।अंत में उपस्थित समाजजनों ने माता रमाई के आदर्शों पर चलने और शिक्षा, संगठन तथा सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने सभी सहभागियों और अतिथियों के प्रति धन्यवाद, आभार और साधुवाद व्यक्त किया।
रायपुर के बुद्ध विहार अशोक नगर गुढ़ियारी में श्रद्धा और धम्म भावना के साथ मनाई गई रमाई जयंती
