रायपुर, ।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने धान खरीदी की अवधि केवल दो दिन बढ़ाए जाने पर असंतोष जताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह निर्णय किसानों के हित में पर्याप्त नहीं है और खरीदी की अवधि कम से कम 15 दिन और बढ़ाई जानी चाहिए।

दीपक बैज ने बताया कि राज्य सरकार ने इस खरीफ सीजन में धान खरीदी का लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया था, जबकि अब तक केवल 139.85 लाख मीट्रिक टन धान की ही खरीदी हो सकी है। इस तरह सरकार अपने तय लक्ष्य से लगभग 25 लाख मीट्रिक टन पीछे चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में भी इस वर्ष लगभग 10 लाख मीट्रिक टन कम धान खरीदा गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं, वहीं लगभग 5 लाख किसानों का पंजीयन ही नहीं हो सका है। ऐसे में सभी किसानों से समर्थन मूल्य पर पूरा धान खरीदा जा सके, इसके लिए खरीदी की समय-सीमा बढ़ाना जरूरी है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार ने मात्र 53 दिनों तक धान खरीदी की व्यवस्था की। इन 53 दिनों में औसतन प्रतिदिन करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। इस गति से यदि खरीदी अवधि केवल दो दिन और बढ़ाई जाती है तो अधिकतम 4 से 5 लाख मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सकेगा, जबकि अभी भी लक्ष्य से बड़ी मात्रा में कमी बनी हुई है।
दीपक बैज ने सरकार से मांग की कि जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है, उनके धान की खरीदी के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने हर किसान का पूरा धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान हालात उस वादे के विपरीत हैं।उन्होंने यह भी कहा कि ऋणी किसानों के लिए लिकिंग व्यवस्था के माध्यम से धान खरीदी की विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि वे अपना कर्ज चुका सकें। लाखों ऐसे किसान हैं जिनका धान अब तक नहीं खरीदा गया है। ऐसे में किसानों, सहकारी समितियों और सरकार—तीनों के हित में यही है कि धान खरीदी की अवधि बढ़ाकर सभी किसानों को राहत दी जाए।
