नई दिल्ली स्थित कार कॉर्पोरेट रेंटल सेवा प्रदाता WTicabs ने भारत में मजबूत स्थिति बनाने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने पैर फैलाने की योजना बनाई है। कंपनी ने वित्त वर्ष FY25 में ₹523 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था और वह वर्तमान वित्त वर्ष FY26 में ₹800 करोड़ से अधिक का लक्ष्य रख रही है।
कंपनी का करीब 95% से अधिक राजस्व भारत से आता है, लेकिन अब उसके पास विदेशों में विस्तार के लिए एक चरणबद्ध रणनीति है। WTicabs के संस्थापकों में से एक और ग्रुप प्रेसिडेंट अशोक वशिस्ट के अनुसार, वे बाहरी बाजारों में “बेतरतीब तरीके से नहीं” जा रहे हैं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से विस्तार करेंगे।
पहले चरण में कंपनी GCC देशों जैसे यूएई, सऊदी अरब, ओमान, कतर, कुवैत और बहरीन को लक्षित कर रही है। ये ऐसे बाजार हैं जहाँ भारतीय यात्रियों और कॉर्पोरेट यात्राओं की संख्या अच्छी है, इसलिए WTicabs ने इन्हें विस्तार का पहला चरण चुना है।
अस्सेट-लाइट मॉडल
दुबई में कंपनी ने 2024 में परीक्षण के तौर पर अपनी सेवाएँ शुरू कर दी हैं और 1.5 साल में 600 से अधिक सेल्फ-ड्राइव कारें तैनात की हैं, जिन्हें साल के अंत तक 1,000 से अधिक पर ले जाने का लक्ष्य है। दुबई ऑपरेशन से FY27 में लगभग ₹50 करोड़ का राजस्व होने की उम्मीद है।
उसके बाद चरण 2 में WTicabs सिंगापुर, थाईलैंड और मलेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों और यूरोप के कुछ हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करेगा। चरण 3 में कंपनी अमेरिका और विस्तृत यूरोपीय बाजारों में 2028 में प्रवेश करने की योजना बना रही है।
गहरी पैठ बनाने के लिए WTicabs सीधे कारें खरीदने या स्थानीय कार्यालय खोलने की बजाय सिस्टम में बिज़नेस को सोर्सिंग के ज़रिये विकसित करना चाहती है ताकि ऑपरेशन अधिक टिकाऊ और व्यवस्थित हो सके। ऐसे में वे एयरलाइंस, ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों, कॉर्पोरेट्स और डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों के साथ साझेदारी भी मजबूत कर रहे हैं।
राजस्व में विविधता का विस्तार
कंपनी का लक्ष्य है कि FY30 तक अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स कुल राजस्व में 10-15% योगदान दें। इसके अलावा, WTicabs अगले दो वर्षों में प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने के लिए ₹10 करोड़ से अधिक का कैपेक्स लगाने की योजना भी बना रही है।
जहाँ भारत कंपनी के लिए “कैश फ्लो” का मुख्य स्त्रोत है, वहीं भविष्य में भारतीय बाजार में B2C सेवा की पेशकश भी संभव है। फिलहाल WTicabs ने भारत में 20,000 से अधिक वाहन तैनात किए हैं और वह यहाँ Uber Black वाहन सेवा का 50% से अधिक सप्लायर भी है।