नई दिल्ली/ मुंबई |देश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर अदालतों ने बड़ा संदेश दिया है। हालिया फैसलों में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बिना सहमति किसी महिला या लड़की की ओर “फ्लाइंग किस” करना अब सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि कानूनी अपराध की श्रेणी में आ सकता है।मुंबई के एक मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि इस तरह के इशारे महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और समाज में इसे सामान्य व्यवहार नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सख्त रुख अपनाया और कहा कि ऐसे मामलों में कानून पूरी तरह लागू होगा।अदालत की टिप्पणी के अनुसार फ्लाइंग किस, आंख मारना या इस तरह के अन्य इशारे गैर-शाब्दिक यौन उत्पीड़न माने जा सकते हैं। यह महिला के सम्मान और निजी अधिकारों का उल्लंघन है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354A (यौन उत्पीड़न) और 509 (महिला की मर्यादा का अपमान) के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें सजा और जुर्माना दोनों शामिल हैं।इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि अब “छोटी हरकत” समझे जाने वाले इशारों पर भी कानून की नजर रहेगी। खासतौर पर बिना सहमति या अनजान महिला की ओर किए गए ऐसे इशारे गंभीर अपराध माने जाएंगे।