Sharda Energy & Minerals Ltd. द्वारा खरोरा क्षेत्र में बिछाई जा रही 132 केवी बिजली लाइन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रायपुर जिले के ग्राम बेल्दार सिवनी, मांठ और खरोरा के करीब 78 किसानों ने कंपनी पर बिना सहमति उनकी कृषि भूमि पर बिजली टावर लगाने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी खेती और सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी।
किसानों के अनुसार, तिल्दा-नेवरा एसडीएम कार्यालय की ओर से 9 अप्रैल 2024 को आपत्तियां मांगी गई थीं, लेकिन अधिकांश किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं दी गई। उनका आरोप है कि राजस्व विभाग और कंपनी अधिकारियों ने किसानों की गैरमौजूदगी में ही निरीक्षण कर मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर ली।
किसानों ने एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कर कहा है कि खेतों के बीच हाई-वोल्टेज टावर लगने से खेती करना मुश्किल हो जाएगा। मशीन चलाने में दिक्कत आएगी और तारों के नीचे काम करना जानलेवा साबित हो सकता है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि अपनी जमीन सुरक्षित चाहिए। उनका यह भी कहना है कि टावर लगने से जमीन की कीमत भी कम हो जाएगी।
10 मई को किसानों ने एसडीएम आशुतोष देवांगन के सामने अपनी बात रखी। मामले की अगली सुनवाई 21 मई को तय की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी जमीन पर जबरन निर्माण नहीं रोका गया तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।सूत्रों के मुताबिक, पहले लाइन का सर्वे कम दूरी में किया गया था, लेकिन प्रभावशाली लोगों की जमीन आने के बाद रूट बदलकर दूरी बढ़ाई गई और छोटे किसानों की जमीन को शामिल किया गया। इसे लेकर क्षेत्र में नाराजगी बढ़ती जा रही है।