रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण जनता को उनकी जमीन का अधिकार देने और डिजिटल राजस्व सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इस दिशा में राज्य के राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत राज्य में ग्रामीण आबादी को भूमि का अधिकार प्रदान करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत कुल 10.50 लाख हितग्राहियों को जमीन का अधिकार पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1.60 लाख लोगों को अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
पंजीयन के साथ स्वतः नामांतरणश्री वर्मा ने बताया कि अब राज्य में जमीन की खरीदी-बिक्री के तुरंत बाद ऑटोमेटिक नामांतरण (ऑटो म्यूटेशन) की व्यवस्था लागू कर दी गई है। पंजीयन होते ही जमीन का नाम स्वतः खरीदार के नाम पर दर्ज हो जाता है। मंत्री ने कहा कि इससे नागरिकों को लंबी प्रक्रिया और जटिलताओं से राहत मिलेगी।
आपदा प्रबंधन के लिए वित्तीय प्रावधानमंत्री ने यह भी बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त वित्तीय तैयारी की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में:राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) में 588 करोड़ रुपएराष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) में 50 करोड़ रुपएराज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) में 147 करोड़ रुपए
मंत्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य डिजिटल राजस्व प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और प्रभावी आपदा प्रबंधन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर और समय पर सेवाएं देना है।मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और जमीन के पंजीयन एवं नामांतरण की सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीण जनता को सुविधा देगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाएगी।राजस्व विभाग ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं, जिससे लोग अपने अधिकारों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।