छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य सरकार ने धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान कर दिया है। वादे के अनुरूप 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। इस कदम से प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को सीधा लाभ मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।सरकार द्वारा दी गई यह अंतर राशि उन किसानों के लिए विशेष महत्व रखती है, जिन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद शेष भुगतान का इंतजार किया था। अब यह राशि सीधे खातों में पहुंचने से किसानों को बिचौलियों की परेशानी से भी राहत मिली है और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।इस निर्णय का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्रामीण अर्थतंत्र पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। होली जैसे प्रमुख त्योहार से ठीक पहले राशि मिलने से गांवों में खरीदारी बढ़ेगी, जिससे छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा।राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसी दिशा में लगातार योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि कृषि क्षेत्र को मजबूत आधार मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित किया जा सके।इस अवसर पर सरकार ने कहा कि किसानों की खुशहाली ही प्रदेश की प्रगति का मूल आधार है। अन्नदाता सशक्त होंगे तो राज्य भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर होगा। सरकार ने सभी किसानों और प्रदेशवासियों को होली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख-समृद्धि की कामना की है।इस फैसले को सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और वादों को निभाने की प्रतिबद्धता का मजबूत उदाहरण माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में भी किसानों को और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।