रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर संचालित अवैध कॉल सेंटरों पर छापा मारकर सुपरवाइजर सहित कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना गंज और न्यू राजेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार, थाना गंज क्षेत्र के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और न्यू राजेंद्र नगर स्थित अंजनी टॉवर में ये कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे थे। यहां से आरोपी विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें कम ब्याज पर लोन दिलाने, सिबिल स्कोर सुधारने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी की जाती थी।
आरोपी पहले लोगों का डेटा हासिल कर उन्हें कॉल करते थे, फिर बैंक डिटेल लेकर फर्जी तरीके से उनके खातों में रकम दिखाते थे और बाद में गिफ्ट कार्ड के जरिए पैसे वापस मंगवाते थे। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए गिरोह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ठगी को अंजाम दे रहा था।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 67 मोबाइल फोन, 18 लैपटॉप, 28 कंप्यूटर सेट और 3 वाईफाई राउटर जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 16.53 लाख रुपए आंकी गई है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का संचालन गुजरात के मास्टरमाइंड द्वारा किया जा रहा था, जबकि इसके तार विदेशों तक जुड़े हुए हैं। आरोपियों को ठगी के एवज में वेतन के साथ कमीशन भी दिया जाता था।पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।