रायपुर के एक निजी अस्पताल में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। रामकृष्ण हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मियों की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सफाई कार्य के दौरान तीनों मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर उतरे थे, जहां जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है,

इस हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 30-30 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस दुखद घटना पर संवेदना जताई।

अस्पताल की ओर से डॉ. संदीप दवे ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है और सच्चाई सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।डॉ. दवे ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में सभी कार्य निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप किए जाते हैं और मरीजों को उच्च स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उन्होंने बताया कि सफाई का कार्य एक ठेका कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा था और संबंधित कर्मचारी उसी कंपनी के अधीन कार्यरत थे।
वहीं, मृतकों के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि सफाई कर्मियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक कार्य में लगाया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। परिजनों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और न्याय की गुहार लगाई है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।फिलहाल, यह हादसा कई अहम सवाल खड़े कर रहा है—क्या सुरक्षा नियमों का पालन हुआ, जिम्मेदारी किसकी है, और ऐसी घटनाओं को भविष्य में कैसे रोका जाएगा। पूरे शहर की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस दर्दनाक हादसे की सच्चाई सामने आ सके।