राजिम,:छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू और ग्रामीण संस्कृति का मनमोहक दृश्य तब देखने को मिला जब राजिम विधानसभा के विधायक रोहित साहू ने अपने साढ़ू भाई हृदय राम साहू के पुत्र डोमन साहू के विवाह में पारंपरिक बैलगाड़ी पर बारात में शिरकत की। ग्राम रावंड़ से परसदा जोशी तक बैलगाड़ी की यह यात्रा न केवल बारातियों के लिए उत्साहवर्धक रही, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का संदेश भी लेकर आई।

बारात के दौरान पूरे मार्ग में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीतों और बाजों की गूंज रही। विधायक ने इस अवसर पर कहा, “आज इस बैलगाड़ी की यात्रा ने मुझे अपनी जड़ों और पूर्वजों की याद दिला दी। हमारी असली पहचान हमारी सादगी, हमारी संस्कृति और हमारी परंपराओं में है। युवा पीढ़ी को यही संदेश देना चाहता हूँ कि अपनी संस्कृति पर गर्व करें, क्योंकि यही हमारी असली पूंजी है।

दूल्हा राजा डोमन साहू ने भी इस मौके पर भावुक होते हुए कहा कि विधायक रोहित साहू की उपस्थिति ने विवाह समारोह को और भी यादगार बना दिया। “उनके साथ बैलगाड़ी में बारात जाना मेरे जीवन का सबसे अनमोल क्षण रहेगा। उन्होंने पद और प्रतिष्ठा को पीछे रखकर हमारी पुरानी परंपरा का निर्वहन किया, जो हमें बहुत प्रेरित करता है।”ग्राम रावंड़ से परसदा जोशी तक ग्रामीण उत्साह और खुशी से इस अनूठी बारात को निहारते रहे। छत्तीसगढ़ी बाजा, मोहरी और पारंपरिक गीतों ने पूरे माहौल को उत्सवमयी बना दिया।
प्रमुख उपस्थितिइस विवाह समारोह में प्रमुख रूप से भाजपा जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू, अध्यक्ष नगर पंचायत महेश यादव, जनपद पंचायत प्रतिनिधि नेहरू साहू, पूर्व अध्यक्ष किसान मोर्चा मनीष हरित, पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल सिन्हा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सतीश यादव, पार्षदगण आकाश राजपूत, बलराम निषाद, भारत यादव, सुरेश पटेल, ईश्वर साहू, ओमप्रकाश, राकेश साहू, दीपक साहू, द्वारिका साहू, युगलकिशोर, खिलेश्वर साहू, प्रीतम साहू, मनोज यादव, तुकेश साहू, हिरा साहू, डिगेश साहू, पन्ना साहू, बेदराम निषाद, किशोर साहू सहित वर पक्ष के सभी परिजन उपस्थित रहे।यह आयोजन यह संदेश देने वाला साबित हुआ कि चाहे विकास कितनी भी ऊँचाइयाँ छू ले, यदि व्यक्ति अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ा रहे तो समाज में सकारात्मक संदेश फैलता है।