छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 6,976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। चर्चा का जवाब देते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ रहे और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंचे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को “SANKALP” मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत बनाने, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, आधुनिक अनुसंधान को प्रोत्साहन देने, उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और पारदर्शी प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीवन की रक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिल सकेगा। साथ ही आम लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।राजधानी रायपुर में मध्य भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिसके लिए बजट में 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रयोगशाला के शुरू होने से खाद्य पदार्थों और दवाइयों की जांच के लिए राज्य को अन्य महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और आसपास के राज्यों को भी इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे। रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा चिरमिरी में नया जिला अस्पताल भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत करने के लिए 300 नई एम्बुलेंस, 70 वेंटिलेटर युक्त अत्याधुनिक एम्बुलेंस और नवजात शिशुओं के लिए विशेष एम्बुलेंस खरीदने की प्रक्रिया जारी है।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के लिए 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में स्थापित होने वाले पांच नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,240 पद तथा संबंधित अस्पतालों के लिए 500 पदों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर और जगदलपुर के चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान रखा गया है।पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज स्थापित किया जाएगा। वहीं बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की योजना है, जिससे कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधा प्रदेश में ही मिल सकेगी। इसके अलावा रायपुर में आधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट भी स्थापित करने की योजना है।
आयुष विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 544 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत आयुर्वेद चिकित्सालयों, आयुष पॉलीक्लिनिक और औषधालयों के उन्नयन के साथ-साथ रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में छात्रावास और सेमिनार हॉल का निर्माण कराया जाएगा।अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए 251 करोड़ 68 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा और आवासीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अंतर्गत बिलासपुर में 500 सीटों वाला कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय तथा रायपुर, रायगढ़, मनेन्द्रगढ़ और जशपुर में छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए CG-ACE योजना के अंतर्गत उड़ान, शिखर और मंजिल योजनाएं शुरू की जाएंगी, ताकि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें।विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई विधायकों ने भी अपने विचार रखे। चर्चा के बाद स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की अनुदान मांगों को सदन ने पारित कर दिया।