मध्य पूर्व के कई हिस्सों में जारी तनाव और संघर्ष को देखते हुए विभिन्न देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू कर दिया है। हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, जिसके कारण कई सरकारों ने एहतियात के तौर पर अपने नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की है।सूत्रों के अनुसार कई देशों ने विशेष विमान, सैन्य परिवहन और अन्य आपातकालीन साधनों की मदद से लोगों को युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकालना शुरू कर दिया है। दूतावास और कांसुलेट कार्यालय लगातार अपने नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहायता कर रहे हैं। कई जगहों पर लोगों को अस्थायी शिविरों और सुरक्षित केंद्रों में भी ठहराया जा रहा है, जहां उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्थिति को देखते हुए कई देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें लोगों को फिलहाल संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन व दूतावास के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही हेल्पलाइन और आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संकट को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है और तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो मानवीय संकट और गहरा सकता है, इसलिए शांति और स्थिरता के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास जरूरी हैं।सरकारों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर निकासी अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।