रायपुर। पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुस्लिम शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया जा रहा है। इस फैसले को सामाजिक समरसता और धार्मिक आस्था के सम्मान की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।गौरतलब है कि इस वर्ष रमज़ान की शुरुआत 19 फरवरी 2026 से हो चुकी है। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोग पूरे दिन रोजा रखकर इबादत करते हैं और रात में विशेष नमाज ‘तरावीह’ अदा करते हैं, जिसमें पवित्र कुरआन का पाठ किया जाता है।इस संबंध में डॉ. सलीम राज ने सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने इसे समावेशी शासन का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह निर्णय समाज में आपसी भाईचारे को और मजबूत करेगा।उन्होंने आगे कहा कि यह पहल नरेन्द्र मोदी की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की सोच को भी दर्शाती है, जिसमें सभी वर्गों को समान महत्व दिया जाता है।सरकार के इस फैसले से मुस्लिम कर्मचारियों को रमज़ान के दौरान धार्मिक कर्तव्यों के निर्वहन में सुविधा मिलेगी, जिससे वे अपने रोज़ा और इबादत को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे।