रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र के लोग लगातार बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं। खासकर रात के समय कई बार बिजली गुल हो रही है, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां कभी-कभार बिजली जाती थी, वहीं अब एक ही रात में कई बार लाइन चली जाती है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

इस गंभीर समस्या की जानकारी जनप्रतिनिधि सुंदर लाल जोगी ने दी है। उन्होंने बताया कि गुढ़ियारी क्षेत्र में छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिन्हें इस बिजली कटौती का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रात में बार-बार बिजली जाने से न केवल लोगों की नींद खराब हो रही है, बल्कि गर्मी के इस मौसम में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी बढ़ने लगी हैं।

स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि शिकायत केंद्र में कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुढ़ियारी, जिसे पूरे छत्तीसगढ़ के मेंटेनेंस का प्रमुख केंद्र माना जाता है, वहीं के निवासी खुद मूलभूत सुविधा बिजली के लिए परेशान हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
लोगों का कहना है कि वे समय पर बिजली बिल का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में स्थिति अलग-अलग है—कहीं बिजली लगातार बनी रहती है, तो कहीं लंबे समय तक कटौती जारी रहती है, जिससे असमानता की स्थिति भी देखने को मिल रही है।
जनप्रतिनिधियों को लेकर भी लोगों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय ही नेता आम जनता के बीच नजर आते हैं, लेकिन अब जब लोग परेशानी में हैं, तो कोई भी उनकी सुध लेने नहीं आ रहा है। इसको लेकर लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों है।
जनप्रतिनिधि सुंदर लाल जोगी ने प्रशासन से मांग की है कि गुढ़ियारी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारा जाए और लगातार हो रही कटौती पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।
गुढ़ियारी के नागरिकों ने भी प्रशासन से अपील की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और जल्द राहत प्रदान की जाए, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।