रायपुर, 12 अगस्त 2026। रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के ऊपर लोहे से अंकित अस्पताल के नाम के कुछ अक्षर क्षतिग्रस्त होने के मामले को लेकर भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा बुधवार को अस्पताल के अधीक्षक/सीएमओ को ज्ञापन सौंपा गया।
दरअसल, 11 अगस्त को अस्पताल के नाम-पट्टिका में विशेष रूप से “डॉ.” और “भीमराव” शब्द के कुछ अक्षर टूटे हुए दिखाई दिए थे। इससे अस्पताल का नाम स्पष्ट रूप से पढ़ने में परेशानी हो रही थी। मामला सामने आने के बाद समाज के युवाओं ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल पहुंचकर प्रबंधन से चर्चा की और क्षतिग्रस्त नाम-पट्टिका को जल्द से जल्द ठीक कराने का आग्रह किया।

इस दौरान समाज के युवा अरुण बागड़े, सचिन गजभिए एवं अक्षय डाहाट मौके पर उपस्थित रहे। अस्पताल के CMO के निर्देश पर अस्पताल स्टाफ के सहयोग से तत्काल व्यवस्था करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से को कपड़े से ढक दिया गया, ताकि आने-जाने वाले लोगों को वह हिस्सा दिखाई न दे। इस कार्य में अस्पताल स्टाफ से करण साहू, विद्या भूषण, मानव टंडन एवं आशीष तनेजा का विशेष सहयोग रहा। मानव टंडन ने स्वयं ग्रिल पर चढ़कर क्षतिग्रस्त हिस्से को कपड़े से ढकने का कार्य किया।

अस्पताल प्रबंधन ने इस दौरान आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त नाम-पट्टिका को सुधारने का प्रयास किया जाएगा।इसी विषय को लेकर 12 अगस्त को भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा अस्पताल प्रबंधन को औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में स्थापित नाम-पट्टिकाओं पर संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी के नाम के क्षतिग्रस्त, मिटे अथवा अस्पष्ट अक्षरों को सही एवं पूर्ण रूप से पुनः अंकित कराया जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े, प्रदेश महासचिव बेनिराम गायकवाड़, शैलेश बड़गे, सुनील वांदरे, जिला अध्यक्ष विजय गजघाटे एवं जिला कोषाध्यक्ष विनायक वरघट सहित समाज के पदाधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।भारतीय बौद्ध महासभा से जुड़े लोगों ने कहा कि समाज के महापुरुष और संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी के नाम का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। समस्या को देखकर केवल चर्चा करने के बजाय तत्काल मौके पर पहुंचकर समाधान की पहल करना ही समाज की जिम्मेदारी है।