रायपुर, छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड पात्र अभ्यर्थियों का आमरण अनशन आज 80वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग ने माननीय हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की है।धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण में विभाग ने गंभीर लापरवाही की। 2621 डीएड अभ्यर्थियों को कॉमन मेरिट सूची का पुनर्गठन किए बिना ही स्कूल आवंटित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप 1316 ऐसे उम्मीदवारों को स्कूलों में भेजा गया, जिनके पास न तो डीएड की अनिवार्य योग्यता थी और न ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की योग्यता। इस प्रशासनिक त्रुटि के कारण आज 1316 पूर्ण रूप से पात्र अभ्यर्थी अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए धरना स्थल पर बैठे हैं।अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि विभाग पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से मेरिट सूची का पुनर्गठन करता, तो आज ये पात्र अभ्यर्थी नियुक्त हो चुके होते। लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण यह आंदोलन लंबित है।धरना स्थल पर अभ्यर्थियों द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ-साथ एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। नाटक का संदेश यह है कि “जैसे अंग्रेजों ने काला कानून थोपकर जनता की आवाज दबाई थी, वैसे ही आज पात्र डीएड अभ्यर्थियों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।” अभ्यर्थी इस माध्यम से न्यायालय के आदेशों के सम्मान और युवाओं के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं।डीएड अभ्यर्थियों ने शासन और प्रशासन से आग्रह किया है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर पात्र उम्मीदवारों को तुरंत नियुक्ति प्रदान की जाए, ताकि लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समापन हो और युवाओं को उनका न्याय मिल सके।