छत्तीसगढ़ की राजधानी क्षेत्र Nava Raipur में आयोजित होने वाला ‘आदि परब’ महोत्सव आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने वाला एक खास आयोजन बनने जा रहा है। इस दो दिवसीय महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले आदिवासी कलाकार अपनी कला, संस्कृति और लोक परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे।महोत्सव के दौरान पारंपरिक लोक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अलग-अलग जनजातीय समुदायों के कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर प्रस्तुति देंगे, जिससे दर्शकों को भारत की विविध जनजातीय संस्कृतियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में ढोल, मांदर और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर लोक नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
इसके साथ ही महोत्सव में हस्तशिल्प और पारंपरिक कला से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। यहां स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पाद, लकड़ी और बांस की कलाकृतियां, पारंपरिक आभूषण और अन्य जनजातीय वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। इससे स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।महोत्सव में जनजातीय खान-पान की झलक भी देखने को मिलेगी। पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां लोग आदिवासी समाज के पारंपरिक स्वाद का अनुभव कर सकेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन से जनजातीय समाज की कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और लोगों को उनकी परंपराओं के बारे में जानने का अवसर भी मिलता है।आयोजकों के अनुसार ‘आदि परब’ महोत्सव का उद्देश्य जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उम्मीद की जा रही है कि इस महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आदिवासी कला, संस्कृति और परंपराओं का आनंद लेंगे