
रायपुर। समाज सुधार और महिला शिक्षा की अग्रदूत आई सावित्री बाई फूले के स्मृति दिवस के अवसर पर 10 मार्च की शाम अशोक नगर गुढियारी स्थित बुद्ध विहार में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शाम 7 बजे महिला कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आम्बेडकरवादी महिलाओं और पुरुषों ने भाग लेकर आई सावित्री बाई फूले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम की शुरुआत तथागत भगवान बुद्ध, भारत रत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर तथा आई सावित्री बाई फूले के छायाचित्र पर पुष्पहार अर्पित कर की गई। इसके साथ ही उपस्थित लोगों ने अगरबत्ती और मोमबत्ती प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया। इसके पश्चात सभी ने मिलकर त्रिशरण, पंचशील और सामूहिक वंदना का पाठ किया, जिससे पूरे परिसर में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण बन गया।इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने आई सावित्री बाई फूले के संघर्षपूर्ण जीवन, समाज सुधार में उनके योगदान और महिलाओं की शिक्षा के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक कार्यों को विस्तार से याद किया। वक्ताओं ने कहा कि आई सावित्री बाई फूले ने ऐसे समय में महिलाओं और दलित समाज की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में कई प्रकार की रूढ़ियां और बाधाएं मौजूद थीं। उन्होंने अपने अथक प्रयासों से महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और सामाजिक समानता का मार्ग प्रशस्त किया।कार्यक्रम में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान 11 महिलाओं ने मंच से करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक अपने विचार रखते हुए आई सावित्री बाई फूले के संघर्षों, उनके आदर्शों और उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन को याद करते हुए उन्हें शाब्दिक एवं वैचारिक श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी वक्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज में शिक्षा, समानता और जागरूकता को बढ़ाने का संकल्प भी लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और उपस्थित श्रद्धालु उपासक-उपासिकाओं को स्मृति चिन्ह के रूप में पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।इस कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी और सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि समाज में महिलाओं के बीच जागरूकता लगातार बढ़ रही है और वे सामाजिक एवं शैक्षणिक आंदोलनों में बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभा रही हैं। श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ आयोजित यह कार्यक्रम आई सावित्री बाई फूले के विचारों और उनके संघर्षों को आगे बढ़ाने का प्रेरणादायक संदेश देकर संपन्न हुआ।