न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर एक बार फिर अमेरिका का सख्त रुख सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और शुल्क (टैरिफ) व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन के व्यापक शुल्कों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि अमेरिका अपनी व्यापार नीति में कुछ लचीलापन दिखा सकता है, लेकिन ट्रंप ने इन अटकलों को खारिज कर दिया।ट्रंप ने दो टूक कहा कि अमेरिका अपने आर्थिक हितों से समझौता नहीं करेगा। उनके अनुसार, भारत समेत कई देशों के साथ व्यापार में अमेरिका को लंबे समय से असंतुलन झेलना पड़ा है, जिसे सुधारना जरूरी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत को अमेरिकी बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए शुल्क का भुगतान करना ही होगा।दरअसल, अमेरिका पहले से ही कई उत्पादों पर शुल्क बढ़ा चुका है और इसका असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर भी देखने को मिला है। ट्रंप का यह बयान साफ करता है कि आने वाले समय में भी यह सख्त नीति जारी रह सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस रुख से दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है। खासकर निर्यात-आधारित भारतीय उद्योगों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि दोनों देश आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकाल सकते हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि भारत सरकार इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आगे की रणनीति क्या होगी।