कसेकरा। ग्राम कसेकरा में आयोजित श्री रामचरितमानस महायज्ञ का पांचवां एवं अंतिम दिवस धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन प्रातःकाल यज्ञ-हवन और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद सभी सहपत्निक जजमानों की उपस्थिति में श्री गोवर्धन शरण ब्यास के सान्निध्य में गीता पाठ सम्पन्न किया गया।धार्मिक आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से तीजन बाई की पंडवानी प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह कार्यक्रम सद्भावना कर्मचारी ग्रुप कसेकरा के आमंत्रण पर आयोजित किया गया था।आयोजन में कसेकरा सहित नावाडीह, अमेठी, सोरिद, करपीदादर, लोहझर, सजपाली, गोंडलबहारा, भैरा, नवापारा, मुड़गव, अकलवारा और फिंगेश्वरी सहित आसपास के कई गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और कार्यक्रम का आनंद लिया।समापन अवसर पर आयोजन समिति ग्राम कसेकरा द्वारा महायज्ञ के सफल आयोजन में योगदान देने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जितेन्द्र, उज्जवल, शेखर, हेमंत, शशि, सौरभ, अर्जुन, दौलत, नेमीचंद, जय, डोमन, संगम, गौतम, हिमांशु, ऐनसिंग, यादराम, पवन, आशीष, गगन, विजय, सचिन, केवल, ओमप्रकाश, भोज, पनसिंग, टिकम, सागर, डिगी, रितेश, तेजू, सुशील, मोतीलाल, नरेन्द्र, गुलेंद्र, थारकेश, चेतन और चतुर सहित एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।ग्रामीणों ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे गांव की धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
