रायपुर। राजधानी के एम.जी. रोड स्थित श्री जिनकुशल सूरि दादाबाड़ी तीर्थ में सोमवार को भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री दिगम्बर जैन महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत “भवों की यात्रा – वीर की गाथा” नृत्य नाटिका ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। नृत्य नाटिका में भगवान महावीर स्वामी के विभिन्न पूर्व जन्मों का सजीव मंचन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने अभिनय और नृत्य के माध्यम से प्रभु के जीवन दर्शन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक अंत तक जुड़े रहे।
कार्यक्रम का निर्देशन श्रीमती आस्था जैन ने किया। करीब 50 महिलाओं की सहभागिता से मंचित इस प्रस्तुति में यह संदेश दिया गया कि आत्मा तप और साधना के बल पर तीर्थंकर पद को प्राप्त कर सकती है। आयोजन में विभिन्न महिला मंडलों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
समिति के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा और सत्य—से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर “जय जिनेन्द्र” के जयकारों से गूंजता रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।