रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में माता रामाई फाउंडेशन द्वारा 14 मार्च 2026 को रायपुर के टाउन हॉल कलेक्टरेट में भव्य माता रामाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं के संघर्ष, त्याग, समर्पण और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना था। इस अवसर पर समाज सेवा, शिक्षा, कला, संस्कृति, खेल, मीडिया और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को मोमेंटो, “माता रामाई” पुस्तक और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और माता रामाई का जीवन त्याग, संघर्ष और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।

समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में रायपुर के कमिश्नर महादेव कावरे (आईएएस), वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दिलीप वासनीकर (आईएएस), अपर आयुक्त संजय गजघाटे, माना बटालियन-9 की एडिशनल एसपी प्रज्ञा मेश्राम, फिल्म रामाई की अभिनेत्री प्रेरणा धावर्डे तथा फिल्म की निर्देशक कृष्णा चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महिलाओं को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की और कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत अहम है।

इस अवसर पर माता रामाई फाउंडेशन की संरक्षक और समाजसेविका नेहा दिलीप वासनीकर भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन रुक्मणी राजू रामटेके द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित किया।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि माता रामाई का जीवन त्याग, संघर्ष और बलिदान का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए समाज को प्रेरणा देने का कार्य किया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली अनेक महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. प्रज्ञा तारा, नंदा गजघाटे, नलिनी गजवीह, शालिनी मेश्राम, धनेश्वरी दांडे, आशा ध्रुव, अंजू मेश्राम, आशा मानघाटे, करुणा वासनीक, नीलिमा बंसोड, किरण सुखदेवे, सुनीता खंडेकर, मंजूषा माटे, कल्पना सुखदेवे, अरुणा मेश्राम, बुद्धिस्ट महिला ग्रुप शंकर नगर, काजल (हेवी वाहन चालक), मंजू मटियारा, पार्वती साहू, रश्मि पटेल (योग शिक्षिका), विश्वास (कत्थक नृत्यांगना), अनीता (ऑटो चालक), सरोज गजवीय, लक्ष्मी कुमारी (न्यूज एडिटर), बबीता कावडे, प्रतीक्षा बांसोड (लोको पायलट), निधि नारनावरे (फिल्म प्रोड्यूसर), साहिदा अख्तर (योग शिक्षिका), रेखा गोडाने, कीर्ति चौहान, उजमा अख्तर (कवित्री, बिलासपुर), सुमित्रा भांडेकर रविदास (भाटापारा), कीर्ति गजवीय (बीरगांव), डॉ. कल्पना, रजनी घरडे, अर्चना बौद्ध, भूमिका गनवीर, प्रतीक्षा बैद्य (गायिका) और सीमा छत्रीय शामिल रहीं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इन महिलाओं की उपलब्धियों और संघर्ष की कहानियों को सुनकर उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।समारोह को सफल बनाने में कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें विधा बागडे, पूर्णिमा येसनकर, कविता शेंन्द्रे, ज्योत्स्ना मेश्राम, वीणा राउत और सिंधु संभालकर सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। मंच संचालन में मंजू बंसोड का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को प्रभावी और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता केवल मंच पर मौजूद लोगों से नहीं होती, बल्कि पर्दे के पीछे मेहनत करने वाले सहयोगियों का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस अवसर पर राजू रामटेके, अजय शेंन्द्रे, हेमंत सारथी और भावेश परमार के विशेष सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और प्रेरणा का कार्य करते रहेंगे।